स्वामी आत्मानंद महाविद्यालय में सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत सहकारिता एवं रोजगार प्रशिक्षण कार्यक्रम का भव्य आयोजन
विद्यार्थियों ने प्रश्नोत्तरी में दिखाया उत्साह, विजेता टीमों एवं रंगोली प्रतियोगिता के प्रतिभागियों को किया पुरस्कृत
महासमुंद। स्वामी आत्मानंद शासकीय अंग्रेजी माध्यम आदर्श महाविद्यालय, महासमुंद, छत्तीसगढ़ में सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में जिला सहकारिता संघ मर्यादित, महासमुंद एवं महाविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में ‘सहकार से समृद्धि’ विषय के अंतर्गत विद्यार्थियों के लिए रोजगार संबंधी प्रशिक्षण एवं प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया।
महाविद्यालय के कक्ष क्रमांक-1 में आयोजित कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती की पूजा-अर्चना के साथ हुई। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला सहकारिता संघ मर्यादित, महासमुंद के प्रभारी प्रबंधक एवं प्रचार-प्रसार अधिकारी श्री एस. आर. बंजारे ने की। मुख्य अतिथि के रूप में महाविद्यालय की संस्था प्रमुख प्राचार्य प्रो. (डॉ.) अनुसुइया अग्रवाल उपस्थित रहीं। विशिष्ट अतिथि के रूप में वरिष्ठ प्राध्यापक हिंदी श्रीमती प्रतिमा चंद्राकर, सहायक प्राध्यापक अर्थशास्त्र श्री रवि देवांगन एवं सहायक प्राध्यापक वाणिज्य श्री तरुण कुमार बांधे उपस्थित रहे।
स्वागत उद्बोधन में प्राचार्य प्रो. (डॉ.) अनुसुइया अग्रवाल ने सभी अतिथियों एवं विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए सहकारिता के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सहकारिता केवल एक आर्थिक व्यवस्था नहीं, बल्कि आपसी सहयोग, विश्वास और सामूहिक उन्नति की भावना है। जब व्यक्ति अपनी क्षमताओं को सामूहिक प्रयास से जोड़ता है, तो विकास के नए अवसर उत्पन्न होते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि “शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल डिग्री प्राप्त करना नहीं, बल्कि अपने ज्ञान और कौशल के माध्यम से स्वयं आत्मनिर्भर बनना तथा समाज की प्रगति में योगदान देना है।” उन्होंने ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों को विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण एवं रोजगार के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण बताया।
कार्यक्रम के अध्यक्ष श्री एस. आर. बंजारे ने सहकारिता विभाग की स्थापना, कार्यप्रणाली एवं विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने सहकारिता के माध्यम से रोजगार सृजन, स्वरोजगार तथा आर्थिक आत्मनिर्भरता के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि “सहकारिता की मूल भावना है—सबका साथ, सबका प्रयास और सबकी समृद्धि। युवाओं को उपलब्ध अवसरों की जानकारी लेकर अपने कौशल का विकास करना चाहिए, ताकि वे रोजगार प्राप्त करने के साथ-साथ रोजगार के नए अवसर सृजित करने में भी सक्षम बन सकें।”
इसके पश्चात प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम का आयोजन अतिथि व्याख्याता डॉ. ग्लेडिस एस. मैथ्यू एवं श्री हरिशंकरनाथ द्वारा किया गया। प्रतियोगिता में महाविद्यालय के विद्यार्थियों को पांच समूहों में विभाजित कर विभिन्न प्रश्न पूछे गए। विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए अपनी जानकारी एवं प्रतिभा का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता में रोहिणी निषाद, निहारिका देवांगन, राजवीर अंबिलकर, आयुष गुप्ता, आरती ध्रुव, प्रत्ना निषाद, कश्विश चंद्राकर, देवेश तिवारी, जिज्ञासा सिंह एवं छाया चिमनानी सहित अनेक विद्यार्थियों ने भाग लिया।
प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में ग्रुप D ने प्रथम स्थान प्राप्त कर ₹1,000 की नकद राशि, ग्रुप B ने द्वितीय स्थान प्राप्त कर ₹500 तथा ग्रुप A ने तृतीय स्थान प्राप्त कर ₹300 की नकद राशि एवं प्रशस्ति पत्र अर्जित की। इस प्रकार विजेता समूहों को पुरस्कार प्रदान कर प्रोत्साहित किया गया।
सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत पूर्व में आयोजित रंगोली प्रतियोगिता के विजेताओं को भी इस अवसर पर सम्मानित किया गया। प्रतियोगिता में बीएससी तृतीय सेमेस्टर की निहारिका ध्रुव ने प्रथम, बीएससी तृतीय सेमेस्टर की रोहिणी निषाद ने द्वितीय तथा बी.कॉम प्रथम सेमेस्टर के मीनाक्षी साहू, आदित्य चंद्राकर एवं उनके समूह ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को सहकारिता, रोजगार एवं आत्मनिर्भरता के प्रति जागरूक करते हुए उनके ज्ञानवर्धन और कौशल विकास पर विशेष बल दिया गया। इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा पहचानने, सामूहिक कार्य करने तथा भविष्य में उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाने के लिए प्रेरित करते हैं।
कार्यक्रम का धन्यवाद ज्ञापन वरिष्ठ प्राध्यापक श्रीमती प्रतिमा चंद्राकर द्वारा किया गया। इस अवसर पर अतिथि व्याख्याता श्री आलोक हिरवानी (कंप्यूटर विज्ञान), सुश्री माधुरी दीवान (वाणिज्य), श्री चित्रेश बरेठ (रसायनशास्त्र), लैब टेक्नीशियन श्री जगतारण बघेल एवं श्री शेष नारायण साहू, प्रयोगशाला परिचारक सुश्री हेमा साहू एवं सुश्री प्रिया साहू, डेटा एंट्री ऑपरेटर श्री मोरध्वज कनौजे सहित महाविद्यालय के समस्त स्टाफ एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का समापन सहकारिता, सामूहिक सहभागिता, रोजगार जागरूकता एवं आत्मनिर्भरता के संदेश के साथ हुआ।